Advertisement Carousel
Uncategorized

कोटवारी सेवा भूमि को लेकर खरीदी बिक्री पर बड़ा सवाल, शासन के आदेश के बाद भी सेवा भूमि के तौर पर नहीं हो रही दर्ज= बजरंग अग्रवाल

advertisement

रायगढ़। कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी बिक्री को लेकर बजरंग अग्रवाल ने प्रह्नचिन्ह लगाते हुए कहा की हाई कोर्ट के एक निर्णय की आड़ में भारी पैमाने पर कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी बिक्री की गई। पूर्व में उच्चतम न्यायालय के आदेश पर राज्य शासन द्वारा सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर कहा गया की कोटवारों को मालगुजारों द्वारा दी गई भूमि का उन्हे भू स्वामी हक दिया जाए। बजरंग अग्रवाल ने कहा कि शासन के इस आदेश पर तहसीलदारों और पटवारियों की चांदी हो गई और धड़ाधड़ कोटवारी भूमि को भूमि स्वामी हक प्रदान करने लगे। और फिर इसी का फायदा उठाते हुए भूमाफिया सक्रिय हो गए और रायगढ़ ही नहीं वरन पूरे प्रदेश में कोटवारी सेवा भूमि की जमकर खरीदी बिक्री किया जाने लगा। पूरे प्रदेश में कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी बिक्री से राज्य शासन के साथ उच्चतम न्यायालय के भी कान खड़े हो गए। राजस्व कर्मचारियों ने न्यायालय के जिस एक आदेश को तहसीलदारों और पटवारियों ने हथियार बनाया उस पर उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायालय द्वारा सभी के लिए ऐसा आदेश जारी नही किया गया था। लगातार कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी बिक्री के मद्देनजर कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल उसी मामले में आदेश दिया गया जिसका प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत हुआ था सभी सेवा भूमि के लिए आदेश नहीं है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद राज्य शासन के द्वारा एक आदेश जारी किया गया । सभी कलेक्टरों को जिसमे कहा गया कि विधि विरुद्ध किए गए अंतरण की प्रविष्टि का परिमार्जन करते हुए रिकॉर्ड में शासकीय या सेवा भूमि के रूप दर्ज करते हुए अहस्तांतरणीय लिखा जाए। इस तरह के पत्र 21/12/2001, 10/03/2014, 27/12/2021 को जारी किए गए थे। कुछ कलेक्टरों ने स्व विवेक का इस्तेमाल करते हुए बिक्रीत कोटवारी सेवा भूमि पर कारवा VGई करते हुए पुनः कोटवारी सेवा भूमि में दर्ज किया किंतु आज भी सैकड़ों कोटवारी सेवा भूमि पर कार्रवाई लंबित है जिस पर कारवाई वांछित है। आम जनता के सेवक बजरंग अग्रवाल ने रायगढ़ जिला कलेक्टर से मांग की है की भूमाफियाओं के द्वारा भूमि सैकड़ो एकड़ भूमि कोटवारों से अवैध रूप से खरीदी गई है रायगढ़ जिले में जितनी भी कोटवार भूमि है उनका सबका नामांतरण निरस्त करके शासन के खाते में कोटवार भूमि को शामिल किया जाना चाहिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING