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राष्ट्रीय स्तर के 300 डॉक्टर्स रायगढ़ में औद्योगिक स्वास्थ्य पर कर रहे चर्चा

रायगढ़ स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक मुख्यालय के होटल श्रेष्ठा में इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (IAPSMCON24) का तीन दिवसीय 10वां वार्षिक जोनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। रायगढ़ की परिस्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए इस कॉन्फ्रेंस का विषय औद्योगिक स्वास्थ्य से संबंधित “One Health Approach to Occupation and Public Health: From Prevention to Protection” रखा गया है। उभरते हुए चिकित्सकों के अलावा पीजी छात्रों को सम्मेलन में वर्कशॉप और साइंटिफिक सेशन के माध्यम से काफी लाभ पहुंचता है। इस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं पड़ोसी राज्य के समस्त मेडिकल कॉलेज, उद्योगों एवं खदानों में कार्यरत चिकित्सक, व्यावसायिक स्वास्थ्य चिकित्साधिकारी, व्यावसायिक सुरक्षा अधिकारी, मानव संसाधन विभाग से 300 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।

यह एक अकादमिक दावत है, जहाँ कई मौखिक और पोस्टर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाते हैं। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित विषय में विशिष्ट थीम या सारांश थीम में नई जानकारी का प्रसार करने के लिए विभिन्न सेमिनार, पैनल चर्चा का आयोजन किया जाता है। सदस्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श करते हैं। अनुशासन में उभरते विशेषज्ञ क्षेत्र में हाल की और महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में जानते हैं जबकि सम्मेलन से विचार-विमर्श विभिन्न हितधारकों को मार्गदर्शन करता है जो सामुदायिक चिकित्सा के विशिष्ट क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश जोन में अब तक 9 जोनल सम्मेलन का आयोजन उपरांत रायगढ़ को 10वें सम्मेलन की मेजबानी का मौका प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि रायगढ़ के एसडीएम प्रवीण तिवारी, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन, अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर मनोज मिंज, सम्मानित अतिथि रायपुर एम्स के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. अशोक जिंदल एवं समस्त अतिथियों और प्रतिभागियों की गरिमामयी में उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आयोजक अध्यक्ष डॉ. सोफिया नूर और आयोजक सचिव डॉ. रोशन अग्रवाल थे।सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा में विशेष योगदान हेतु आयोजक द्वारा बिलासपुर की डॉ. शकुंतला जीतपूरे और विदिशा के डॉक्टर सुनील नंदेश्वर को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, डॉ हेमलता ठाकुर को स्व डॉ. एसएन शर्मा स्मृति ओरेशन और छिंदवाड़ा के डॉ प्रवीण येरपुडे को स्व. डॉ. एमसी मित्तल स्मृति ओरेशन, सामुदायिक चिकित्सा विभाग में विशेष योगदान हेतु डॉ. नरेंद्र कौर गांधी और डॉ. विजय डायोडिया को स्मृति चिन्ह देते हुए शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर छोटे-छोटे बच्चों किया और अद्विका द्वारा एवं कॉलेज की छात्राओं ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर अपना स्वागत नृत्य भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा कार्यक्रम संयोजक को इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन हेतु बधाई दी गई, साथ ही आगामी दिनों में इस तरह के कार्यक्रम करने हेतु निवेदन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन सर्वप्रथम WHO से डॉ. ऋतु कश्यप ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालय की भूमिका, भोपाल से डॉ. मंजू टोप्पो ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालय की भागीदारी, भुवनेश्वर से डॉ. लिसा सारंगी ने मानसिक स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों की भूमिका, रायपुर से डॉ. कमलेश जैन ने क्षेत्र स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य में चुनौतियाँ के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी साझा की। इस सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्र के प्रतिभागियों द्वारा दो दिन में 150 से अधिक शोधपत्र पढ़ कर प्रस्तुत किया गया।

इस कार्यक्रम के आयोजक चिकित्सा महाविद्यालय के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग से अध्यक्ष डॉ सोफिया नूर एवं सचिव डॉ. रोशन अग्रवाल एवं सहयोगकर्ता डॉ अखिलेश बढ़गे, डॉ. आलोक प्रीतम, डॉ. वेद प्रसाद प्रधान, डॉ. किशोर कुमार पटेल, डॉ. पॉल विनोद कुमार, डॉ. श्रेयसी झा, डॉ. प्रवीण मोदी की दिशा निर्देश में हुआ।

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