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मौत की क्लिनिक चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टर और उसके सहयोगी को क्या ..मिल गई है क्लीनचिट ?..जब इंजेक्शन लगाने की नहीं है पात्रता, तो कैसे लगाया डॉक्टर साहू ने इंजेक्शन ?..इंजेक्शन लगने के बाद हुई थी युवक की मौत..बीते एक दशक से क्या चल रहा है नेचुरो क्लिनिक के अंदर ?..जांच जरूरी..झोलाछाप डॉक्टर और उसका सहयोगी समाज के लिए खतरे के “संकेत”..पढ़िए पूरी खबर..

रायगढ़..सोनिया नगर में बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से अवैध रूप से चल रही मौत की क्लिनिक के बहुचर्चित मामले में आखिर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच इतनी मंथर गति से क्यों चल रही है। बीते रविवार को झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू के द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के आधे घंटे बाद स्थानीय निवासी भोला यादव की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद सोनिया नगर में हड़कंप मच गया था।और परिजनों ने भी जमकर हो हल्ला मचाया था।मृतक के घर में ही कई लोगों ने वीडियो रिकार्डिंग कर डॉक्टर साहू का बयान लिया था।जिसमें भुवनेश्वर साहू ने खुद कबूल किया था कि, उनके द्वारा दिए गए इंजेक्शन के आधे घंटे बाद भोला की मृत्यु हुई है।डॉक्टर साहू के इस इकबालिए बयान के बाद इतना तो स्पष्ट हो गया है कि, झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू अवैध तरीके से सोनिया नगर क्षेत्र में क्लिनिक चलाकर लोगों का इलाज कर रहा है।वहां के लोगों के बताए मुताबिक डॉक्टर साहू के गलत इलाज

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की वजह से अब तक छह मौत हो चुकी है।इधर यह भी बताया जा रहा है कि,डॉक्टर साहू ने घटना के बाद अपने किसी “करीबी दोस्त” को मृतक के घर बुलाया था।और इस मामले को निपटाने का प्रयास किया था।यहां तक घटना वाले दिन पुलिस को भी इस घटना की भनक लगने नहीं दिया गया था।दूसरे दिन मीडिया में बात आने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और मृतक के घर पहुंची,किंतु सुबह ही मृतक का अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम ले जाया गया था।पुलिस भी मुक्तिधाम पहुंची लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले दाह संस्कार किया जा चुका था।इसी वजह से मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।बहरहाल दबी जुबान यह भी कहा जा रहा है कि, “डॉक्टर साहू” और उसका “करीबी मित्र” ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को टालने के लिए प्रयासरत थे और वे दोनों अंततः इसमें सफल भी रहे।

कहां से मिलता है झोलाछाप डॉक्टर को इंजेक्शन ?..

फरार झोलाछाप डॉक्टर भुवनेश्वर साहू को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि, आखिर उन्हें इंजेक्शन और दवाइयां कौन मुहैया कराता है ? जब डॉक्टर साहू इंजेक्शन लगाकर इलाज करने की पात्रता ही नहीं रखते हैं तो उन्हें इतनी दवाइयां और इंजेक्शन कौन प्रोवाइड करवाता है ? ऐसे डीलरो का भी पुलिस को पता लगाना होगा कि, इन अवैध मौत की क्लिनिक में दवा कौन सप्लाई करता है?…

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