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फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्टर अजय साहू की मनमानी से ग्रामीण परेशान..बिना अनुमति के कर रहा फ्लाई ऐश डंप..ग्रामीणों की फसलें हो रही बर्बाद..ग्रामीण आरपार लड़ाई के मूड में..वहीं पर्यावरण विभाग की चुप्पी चिंताजनक..

रायगढ़..ग्राम पंचायत गदगांव में सड़क किनारे ट्रांसपोर्टर अजय साहू द्वारा डंप किए जा रहे फ्लाइऐश ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है।जानकारी मिल रही है कि अजय साहू ने बिना अनुमति के ही उक्त स्थल पर बड़े पैमाने पर फ्लाई ऐश डंप कर फ्लाई ऐश डाइक बना दिया है।जहां से उड़ रहे फ्लाई ऐश से स्थानीय ग्रामीणों के जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि जहां अजय साहू के द्वारा फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है।उस जगह फ्लाई ऐश डंप करने की अनुमति उसे नहीं मिली है।बल्कि दूसरे जगह डंप करने कि अनुमति उसे दी गई है।लेकिन ट्रांसपोर्टर के द्वारा प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर उक्त स्थल पर फ्लाई ऐश डंप किया जा रहा है।

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फसलें हो रही खराब..ग्रामीणों ने कहा फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग बंद हो..

गदगांव ग्राम पंचायत के प्रभावित किसानों ने आरोप लगाया है कि ट्रांसपोर्टर अजय साहू द्वारा डंप किए जा रहे फ्लाइऐश से उनकी फसलें बर्बाद हो रही है।जहां जहरीला राखड़ अजय साहू के द्वारा डाला जा रहा है।वहां जितनी जमीन पर फ्लाई ऐश डालना था।उससे ज्यादा जमीन पर अवैध रूप से फ्लाई ऐश डंप कर दिया गया है।जिस वजह से फ्लाई ऐश आसपास की निजी और सरकारी जमीनों पर फैल रहा है।ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि फ्लाई ऐश की इस अवैध डंपिंग से अब उनकी फसलें बर्बाद हो रही है।जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है तो वहीं दूसरी ओर जहरीले फ्लाइऐश की वजह से वहां का वातावरण भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

एनजीटी के मापदंड के विरुद्ध हुआ है फ्लाई ऐश डाइक का निर्माण..

जिस जगह अजय साहू द्वारा फ्लाई ऐश डंप कर फ्लाई ऐश डाइक का निर्माण कराया गया है वह पूरी तरह से एनजीटी के गाइडलाइन के विरुद्ध है।यहां एनजीटी द्वारा तय किए गए मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।फ्लाई ऐश डाइक की ऊंचाई पर गौर किया जाए तो इसकी ऊंचाई निर्धारित मापदंड से कहीं ज्यादा नजर आ रही है।तो वहीं दूसरी ओर डाइक के चारों तरफ रिटर्निग वॉल नहीं बनाया गया है।जिस वजह से फ्लाई ऐश उड़कर आसपास की सरकारी और निजी जमीनों में जा रहा है।बता दें कि इस पूरे मामले में पर्यावरण विभाग की चुप्पी को लेकर भी अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

फ्लाइऐश डाइक के लिए दी गई है सैकड़ों पेड़ों की बलि..जवाबदेही किसकी..

जिस जगह फ्लाई ऐश डंप कर फ्लाई ऐश डाइक बनाया गया है।वहां पहले सैकड़ों पेड़ लगे हुए थे।ग्रामीणों के लगाए गए आरोप के मुताबिक डाइक बनाने के लिए बिना अनुमति लिए दो साल पहले सैकड़ों पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया है।काटे गए पेड़ों के बदले दूसरी जगह वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि स्थानीय ग्रामीण इस फ्लाई ऐश डाइक और वहां हो रहे अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग को लेकर अब आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस लिए हैं

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