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डॉ. आरएल हास्पीटल में 6 माह की अवस्था में जन्मी बच्ची ने जिंदगी और मौत के बीच जंग जीती…

रायगढ़। शहर के गौशाला पारा में स्थित डॉ. आरएल हास्पीटल में 6 माह की अवस्था में जन्मी बच्ची ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्परता से जिंदगी और मौत के बीच जंग जीत ली है। समय से पहले जन्म होने के कारण उसकी हालत बेहद गंभीर थी। नवजात शिशुओं के लिए सांस लेने में बेहद जरूरी होता है। इस स्थिति को भांपते हुए डॉक्टरों ने बिना एक पल गंवाए बच्ची को सर्फेक्टेंट दिया। जिस वजह से बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुकी है। परिजनों ने भी डॉ. आरएल हास्पीटल के डाक्टरों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
मिली जानकारी के अनुसार डॉ. आरएल हास्पीटल के डायरेक्टर प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि बच्ची का जन्म 25 अक्टूबर 2025 की सुबह 6ः30 में हुआ उस समय वह अपनी मां के पेट में 6 माह की थी और वजन 650 ग्राम था। जन्म के बाद बच्ची को सांस लेने में समस्या होनें लगी क्योंकि फेफडो में सर्पेक्टेंट की कमी की वजह से थी। इसके बाद बच्ची को तुरंत सर्पेक्टेंट दिया गया जिसकी वजह से सांस लेने में कुछ राहत हुई।

बच्ची को तीसरे दिन से आहारनली के माध्यम से मां का दुध थोड़ी मात्रा में शुरू किया गया। आठवे दिन बच्ची बीच-बीच में सांस नही ले पा रही थी, जिसे एप्लीया कहते है जिसके कारा वेंटीलेटर के माध्यम से सांस देना पड़ा। सुधार होनें के पश्चात 10 दिन बाद वेंटीलेटर हटा दिया गया और वजन बढ़ाने की सारी आवश्यक दवाईयां भी शुरू की गई। दिन प्रतिदिन दूध की मात्रा भी बढ़ाई गई और इस तरह बच्ची का वजन 2 महीने में बढ़कर डेढ़ किलो हो चुका है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य है।
डॉ. आरएल हास्पीटल के डायरेक्टर डॉ प्रशांत अग्रवाल ने यह भी बताया कि बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दिव्येश शर्मा की देखरेख में मासूम के स्वाथ्य सुधार हुआ है। उन्होने यह भी बताया कि डॉ. आरएल हास्पीटल में एनआईसीयू में 10 बेड के अलावा 125 बेड उपलब्ध है। साथ

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