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धरमजयगढ़ ट्रैक्टर हादसा मामले की जांच में साक्ष्य छुपाने का खुलासा, आरोपी पर बढ़ी धाराएं…मीडिया में चल रही खबरों का एसएसपी शशि मोहन ने लिया संज्ञान, एसडीओपी धरमजयगढ़ से कराई गई जांच..

2 मई, रायगढ़ । कल दिनांक 1/5/2026 को मीडिया में धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ट्रेक्टर ट्राली में एक व्यक्ति की मौत पर पुलिस कार्यवाही उचित नहीं किये जाने को लेकर समाचार प्रसारित किया गया था जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह द्वारा मामले की जांच SDOP धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि दिनांक 29.04.2026 को कमल सिंह मांझी निवासी अम्बेटिकरा थाना धरमजयगढ़ द्वारा थाना पहुंचकर सूचना दी गई थी कि फुलजेंस मिंज निवासी लक्ष्मीपुर अपने ट्रैक्टर को धोने के लिए मांड नदी ले गया था, जहां उसके साथ सहेसराम मांझी भी मौजूद था। ट्रैक्टर की धुलाई के दौरान हाइड्रोलिक पाइप फटने से ट्रॉली नीचे गिर गई, जिसकी चपेट में आने से सहेसराम मांझी के सिर पर गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

पुलिस कार्रवाई व घटनास्थल निरीक्षण
घटना की सूचना पुलिस को 2 घंटे बाद विलंब से प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल मांड नदी स्थित घटनास्थल पहुंची। निरीक्षण के दौरान घटना स्थल पर एक हरा रंग का इंजन (ट्रैक्टर) और उसके पास लाल रंग की ट्रॉली खड़ी मिली। ट्रॉली से कुछ दूरी पर मृतक सहेसराम मांझी का शव बरामद हुआ, जिसे ट्रॉली के नीचे से निकालकर जमीन पर रखकर तौलिए से ढका गया था।
वहां पर मौजूद प्रार्थी और साक्ष्यों के भी बयान लिए गए, तब घटनास्थल पर केवल हरा ट्रैक्टर था। घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने पर जो साक्षी एवं प्रार्थी थे उन्होंने पुलिस को लाल ट्रैक्टर के द्वारा घटना होने की सूचना नहीं दी।

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साक्ष्य छुपाने की धारा जोड़ी गयी

प्रकरण की सूक्ष्म जांच और साक्ष्यों के अवलोकन से यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि प्रारंभिक सूचना में उल्लेखित ट्रैक्टर घटना में प्रयुक्त मूल वाहन नहीं था। जांच में यह पाया गया कि आरोपी ट्रेक्टर वाहन चालक फुलजेंस मिंज उम्र 46 वर्ष (निवासी लक्ष्मीपुर) द्वारा साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से घटना में शामिल लाल रंग के महिन्द्रा ट्रैक्टर को मौके से हटा दिया गया था और उसके स्थान पर अन्य वाहन खड़ा कर दिया गया था।

विधिक निष्कर्ष

    मर्ग जांच के तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर, आरोपी फुलजेंस मिंज के विरुद्ध लापरवाही से मृत्यु कारित करने एवं साक्ष्य छुपाने का अपराध पाए जाने पर अपराध क्रमांक 116/2026 धारा 106(1) एवं 238 BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया है।

   आरोपी द्वारा घटनास्थल से साक्ष्य (मूल वाहन) हटाने की पुष्टि होने के कारण, प्रकरण में पूर्व में अंकित धाराओं के साथ अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 (साक्ष्य ग़ायब करना) को जोड़ा गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश :

       *“किसी भी घटना में तथ्य छुपाने, साक्ष्य मिटाने या पुलिस को गुमराह करने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रायगढ़ पुलिस ऐसे आरोपियों को कानून से बचने का कोई अवसर नहीं देगी।”*

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