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कलेक्टर भीम सिंह ने की जिले के कृषकों से वीडियो काल पर चर्चा बड़े किसानों से कहा धान के साथ लगाए दूसरी फसल, वृक्षारोपण भी करें


रायगढ़, / छत्तीसगढ़ प्रदेश पूरे भारत में धान का कटोरा के नाम से जाना जाता है।  छत्तीसगढ़ मे धान का उत्पादन अन्य राज्यों की तुलना में प्रति हेक्टेयर अधिक है। जिसका मुख्य कारण छत्तीसगढ़ की मिट्टी एवं यहां की भौगोलिक परिस्थिति है। रायगढ़ जिले में खरीफ  फसल हेतु 2 लाख 97 हजार 280 हेक्टेयर भूमि कृषि योग्य है। जिसमें से 2 लाख 26 हजार 880 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की जाती है। जिले में खरीफ  फसल हेतु सिंचित क्षेत्र के रूप में 1 लाख 56 हजार 827 हेक्टेयर भू-भाग क्षेत्र उपलब्ध है।  जिसमें सिंचाई के साधन के रूप में बोर वेल नहर तालाब कुआं आदि का उपयोग किया जाता है। जिलें में वर्ष 2021-22 में लगभग 5 लाख 87 हजार 619 मीट्रिक टन धान का उत्पादन किसानों द्वारा किया गया।
जिसके संबंध में कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले के सर्वाधिक धान विक्रेता किसानों से वीडियो काल के माध्यम से चर्चा किये। कलेक्टर श्री सिंह ने घरघोड़ा विकास खण्ड के अतंर्गत ग्राम पंचायत बडे गुमड़ा के किसान श्री लोकनाथ पटेल तथा विकास खण्ड बरमकेला अतंर्गत ग्राम पंचायत दादरपाली के किसान श्री राजकुमार से बात की। किसान श्री लोकनाथ पटेल द्वारा अपने 37.8 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की गई थी जिसमें उन्हे 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 34.9 लाख रुपये प्राप्त हुआ। साथ ही किसान श्री राजकुमार द्वारा अपने 29.56 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की गई, जिसमें उन्हें 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 27.32 लाख रूपये प्राप्त हुआ। कलेक्टर श्री सिंह ने चर्चा के दौरान किसानों को धान के बदले अन्य फसल जैसे रागी, दलहन, तिलहन एवं वृक्षारोपण हेतु पे्ररित किया तथा बताया कि धान के बदले अन्य फसलों के उत्पादन से विशेष अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया जाता है। किसानों ने बताया कि धान के अधिक पैदावार के लिए कृषि विभाग द्वारा अच्छी किस्म की धान की बीज तथा विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन भी समय-समय पर दिया जाता है। जिसके लिए किसानों ने कृषि विभाग तथा जिला प्रशासन का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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