Advertisement Carousel
Uncategorized

खाद्य विभाग की मनमानी…कलेक्टर को दिखाने जिस दुकान को कागजों में किया निलंबित..बाद में उस दुकान को फिर से… पढ़िये पूरी खबर…

रायगढ़-:जिले में सरकारी राशन की कालाबाजारी खाद्य विभाग की ही सरपरस्ती में ही की जा रही है।ऐसा कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी।दरअसल विभाग के ही जिम्मेदार अधिकारी इस ब्लैक मार्केटिंग के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं।और कालाबाजारी का अवैध कारोबार इनकी सरमायेदारी में ही फल फूल रहा है।अगर गौर किया जाये तो कोई भी विभागीय कार्यवाही खाद्य विभाग की इच्छाशक्ति से नही होती है। हरेक कार्यवाही के पीछे कोई न कोई शिकायतकर्ता होता है।शिकायत के बावजूद भी खाद्य विभाग की तरफ से जाँच के दौरान पूरा प्रयास होता है की दुकान संचालक को किसी तरह से राहत दी जाए।
बता दें की बीते 30 दिसंबर को कलेक्टर से शिकायत के बाद वार्ड न. 29 कयाघाट की उचित मूल्य की राशन दुकान पर खाद्य विभाग ने छापा मार कार्यवाही की थी।जिसमें दुकान संचालक कमलाकांत त्रिपाठी द्वारा शासकीय राशन की कालाबाजारी की जा रही थी। कमलाकांत त्रिपाठी को रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद भी विभाग ने अब तक उक्त दुकान संचालक के विरुद्ध कोई ठोस कार्यवाही नही की है।मीडिया में खबरे प्रकाशित होने के बाद खाद्य विभाग ने आनन फानन में दिखावे के लिए उक्त दुकान को निलंबित तो कर दिया।और उस दुकान को दूसरी दुकान में अटैच भी कर दिया।लेकिन आज भी उस दुकान को पूर्व की भाँति कालाबाजारी मे संलिप्त पूर्व दुकानदार कमलाकांत त्रिपाठी ही चला रहा है।और कमोबेश खाद्य विभाग की हरेक कार्यवाही के बाद यही हालात हैं।
उल्लेखनीय है की इस दुकान पर हुई कार्यवाही के उपरांत दुकान संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआई एफआईआर दर्ज किये जाने के लिए लिखित शिकायत भी दी गई है किंतु विभाग ने इस शिकायत को फिल्हाल रद्दी की टोकरी में डाल दिया है।

advertisement

सीसीटीवी में रिकॉर्ड है पूरी घटना

जिस दिन दुकान संचालक कमलाकांत त्रिपाठी शासकीय चावल को अवैध रूप से ऑटो में लोड करवाकर कालाबाजारी के लिए अन्यत्र भेज रहा था।उस वक़्त की पूरी घटना दुकान में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी।और जाँच कर रहे अधिकारी ने जाँच के दौरान कैमरे का डीवीआर् भी जब्त किया था।किंतु अभी तक खाद्य विभाग ने कालाबाजारी में संलिप्त कमलाकांत त्रिपाठी के विरुद्ध आज तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाया गया है।बल्कि कागजों में निलंबित की गई उसकी दुकान में उसे दुबारा बैठा दिया गया है।

कुलमिलाकर जिले में हो रही सरकारी राशन की धांधलियों मे खाद्य विभाग की भी अप्रत्यक्ष भूमिका रहती है।जब तक खाद्य विभाग में भ्रष्ट अधिकारी रहेंगे।शासकीय राशन की ब्लैक मार्केटिंग नही रुकने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING