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राष्ट्रीय जल पुरुस्कार कार्यक्रम में बोले उपराष्ट्रपति..तालाबों पर अवैध कब्जे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवहेलना…इधर गढ़उमरिया में भूमाफियाओं ने तालाब पाटकर कर ली कालोनी काटने की तैयारी…पढ़िए पूरी खबर…

रायगढ़…रायगढ़ राजस्व विभाग और भूमाफियाओं के काले कारनामों की अपनी लंबी फेहरिस्त है।गढ़उमरिया वाले मुआम्ले में शामिल दोनों ही कालोनाइजरों के भी काले कारनामों की यह एक बानगी मात्र है।जिसमे कायदे कानूनों को अपनी सुविधा के लिहाज से तोड़ा मरोड़ा गया है।सीधे सीधे माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी चुनौती दे दी गई है।इस बात से अब इनकार नहीं किया जा सकता की जमीन और रुपयों की हवस में अब ये तथाकथित भूमाफिया इस कदर अंधे हो चुके हैं की इन्हे माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले भी बेहद छोटे नजर आ रहे हैं।
बहरहाल गढ़उमरिया में रायगढ़ के दो कालोनाइजरों ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फैसले को नजरंदाज कर राजस्व मंडल के दिए गए फैसले की बिनाह पर तालाब पाटकर कालोनी काटने की तैयारी कर ली है।लेकिन आज दिल्ली में एक

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पुरुस्कार समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तालाबों, जोहड़ों,बावड़ियों,पोखरों पर अवैध कब्जों अथवा उनकी जमीन का इस्तेमाल दूसरे कामों में करने को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उलंघन बताते हुए कहा की इनका पुनरुद्धार युद्धस्तर पर होना चाहिए।शनिवार को चौथे राष्ट्रीय जल पुरुस्कार देते हुए धनखड़ ने कहा है की सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था की जोहड़,पोखर अपरिवर्तनीय है।इनकी भूमि का उपयोग किसी अन्य काम में हो ही नही सकता।सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना चिंता का विषय है।तालाब और जलाशय अतिक्रमण का शिकार हो रहे हैं।इसे नजरअंदाज किया जा रहा है।इसे दलगत भावना अथवा पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर दुरुस्त किया जाना चाहिए।क्योंकि

साभार दैनिक जागरण

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हमारा संवैधानिक दायित्व है।
लेकिन रायगढ़ जिले में ये सारी बातें पूरी तरह से बेबुनियाद साबित हो जाती है।ना तो यहां माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परिपालन किया जाता है और ना ही यहां के राजस्व मंडल में देश के संविधान की कोई अहमियत है।यहां तो भूमाफियाओं का कानून चलता है।अपनी सुविधा और फायदे के मुताबिक जो कानून भूमाफिया बना दे उस पर अमल कर यहां का राजस्व मंडल आंख मूंदकर दस्तखत कर देता है।फिलहाल अब देखना यह है की पप्पू और बंटी की चालाकियां उन्हें कब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने से बचा पाती है।

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