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SIR रूटीन प्रक्रिया है, इससे फर्जी वोटिंग रुकेगी – ओपी चौधरी…SIR इसलिए जरूरी ताकि मृत और फर्जी नाम हट सके .. तभी चुनाव निष्पक्ष होगा….पारदर्शिता पर ओपी ने कहा हर बूथ पर हर पार्टी का एजेंट, चुनाव आयोग दे रहा सॉफ्ट कॉपी….विदेशी इशारे पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर अराजकता फैलाने की साजिश – ओपी चौधरी…संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर अराजकता फैलाने की साजिश” – वित्त मंत्री ओपी चौधरी

*रायगढ़:- वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने मीडिया के सामने विस्तार बात रखते हुए कहा कि मतदाता पुनर्निरीक्षण हेतु SIR प्रक्रिया सही है औरBआजादी के बाद से यह कार्य होता रहा हैं। समय समय पर इस स्वाभाविक प्रक्रिया का होते रहना भी बहुत जरूरी है।SIR की जरूरत बताते हुए मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बहुत सारे वोटरों की स्वाभाविक रूप से मृत्यु हो जाती है मृतक का नाम वोटर लिस्ट में रह जाता है, नाम रहने पर इसका दुरुपयोग करते हुए गलत लोग फॉल्स वोटिंग करने की कोशिश करते हैं। कई बार घुसपैठिए,भी भ्रामक जानकारी देकर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा देते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए SIR की प्रक्रिया स्वाभाविक है। भारत जैसे लोकतंत्र में वोटर लिस्ट जितनी परिमार्जित रहेगी, जितनी शुद्ध रहेगी, उतनी ही चुनावी प्रक्रिया विशुद्ध रूप से चलेगी। इसलिए SIR जरूरी चीज है और हर दशक, समय-समय पर होती रहती है। कांग्रेस के समय में भी होती रही है। इस मामले में विपक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए ओपी ने कहा विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर अविश्वास पैदा करने का षड्यंत्र कर रहा है। ओपी चौधरी ने कहा विरोध के नाम पर अराजकता फैला कर भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके जनता के मन में अविश्वास पैदा करने का षड्यंत्र चल रहा है यह सब कुछ विदेशी ताकतों की सह पर चल रहा है ।

इस षड्यंत्र को समझते हुए तोड़ना बहुत जरूरी है। ओपी ने कहा कि जब जब SIR की प्रक्रिया होती है, हर पार्टी के एजेंट उसमें शामिल होते हैं। हर चीज का प्रकाशन करते हुए दावा-आपत्ति हेतु समय दिया जाता है, उसके बाद ही कोई लिस्ट फाइनल होती है। पूरी प्रक्रिया में हर पार्टी के हर बूथ से BLA-2 जुड़ा होता है, जो हर बूथ पर राजनीतिक पार्टी का कार्यकर्ता होता है चाहे वह कांग्रेस,भाजपा,बसपा, सपा के अलावा कोई दूसरा दल हो। सभी दल के एजेंट को पूरा अधिकार होता है। फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया होती है, हर मीटिंग में राजनीतिक पार्टियों को भी आमंत्रित किया जाता है। ये पूरी तरह स्पष्ट, पारदर्शी प्रक्रिया होती है। मंत्री ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने तो और पारदर्शिता दिखाते हुए कहा है कि सॉफ्ट कॉपी आप ले लो और देख लो किसका नाम जुड़ा है, किसका नाम नहीं जुड़ा है। ये सब अनर्गल आरोप हैं। अगर किसी का वोट कटा है तो वोट जोड़ने की प्रक्रिया हमेशा ऑन होती है।

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कभी भी जाकर, अभी तो ऑनलाइन अप्लाई करके कोई भी सही आदमी अपना वोट आसानी से जुड़वा सकता है। ओपी चौधरी ने कहा कलेक्टर रहते हुए उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करने का अनुभव है। ये प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी होती है और कोई भी पार्टी, कोई भी व्यक्ति गलत कर ही नहीं सकता। लेकिन विपक्ष को किसी तरह देश में अराजकता फैलाना है, इनको संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करना है ताकि जनता के मन से उतर चुके लोग अफवाह फैलाकर कुर्सी हासिल कर सकें। लेकिन भारत जैसे लोकतंत्र के समझदार लोग इन नेगेटिव लोगों की मंशा और विदेशी ताकतों के षड्यंत्र को नाकाम ही करेंगे। यही भारत के लोकतंत्र की, भारत की जनता-जनार्दन की ताकत है।

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